kavita
| शीर्षक | कवयित्री | प्रतिक्रिया | नवीन |
|---|---|---|---|
| सांगाती | मॅगी | 23 | |
| मना रे मना | चिन्नु | 3 | |
| काळाकभिन्न अंधार ... | amrutahardikar | 2 | |
| दुःखाचे दुःख | वंदना | 1 | |
| तेजोमय मित्रा | विजया केळकर | 2 | |
| अनुप्रास | प्रफे | 10 | |
| विठ्ठल विठ्ठल | विजया केळकर | 2 | |
| आठवण | विजया केळकर | 3 | |
| रेनट्री....पर्जन्यवृक्ष | अंजली मायदेव | 4 | |
| मध्यरात्रीच्या सूर्यास | प्रफे | 6 | |
| माऊली | विजया केळकर | 10 | |
| गाणं | चिन्नु | 13 | |
| दरवळ... | मी कल्याणी | 2 | |
| बंध- कलिंदनंदिनी वृत्त | चिन्नु | 36 | |
| परकी दुःखं | मितान | 19 | |
| चैत्रगौर | विजया केळकर | 1 | |
| आनंदयात्री... | मी कल्याणी | 0 | |
| आपापलं ऊन | मॅगी | 15 | |
| माझी सगळ्यात चांगली व्हर्जन : मीच | वाइज आउल | 55 | |
| काल सीमेवर | अंजली मायदेव | 8 | |
| शुभप्रभात | विजया केळकर | 0 | |
| जय हरि विठ्ठल..... | विजया केळकर | 0 | |
| चल सखे... | मी कल्याणी | 7 | |
| बायकांनी हे ही बोलावं... | सानी | 12 | |
| सगळं काही वारा.. | मॅगी | 39 | |
| लेक म्हणजे.... | वाइज आउल | 47 | |
| वाटेवर चालत जाता | मी कल्याणी | 13 | |
| रुपेरी खूण | प्रफे | 20 | |
| वाटेवर चालत जाता | मी कल्याणी | 0 | |
| चाहुल | केतु | 5 |
पाने
हिंदी / मराठी
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