kavita
| शीर्षक | कवयित्री | प्रतिक्रिया | नवीन |
|---|---|---|---|
| मैत्रिणीला सापडलेली (माझीच) जुनी कवितेवरची कविता | संघमित्रा | 18 | |
| कवितांच्या झब्बूंची मैफल | अवल | 68 | |
| अश्या या पावसात तू असावंस.. | सकाळ | 16 | |
| बेभान विरक्त! | प्रफे | 20 | |
| मलाच मी वजा करून | रश्मी भागवत | 1 | |
| मलाच मी वजा करून | रश्मी भागवत | 0 | |
| ऋतू हा हवासा | कविन | 9 | |
| सौन्दर्य | Sujata Edekar | 4 | |
| सांज-केशर | सकाळ | 14 | |
| ओह जॅकरांडा! | मॅगी | 51 | |
| विदेही | सकाळ | 7 | |
| मराठी भाषा दिन २०१८ मध्ये स्पर्धकांनी केलेल्या कविता | मैत्रीण टीम | 5 | |
| भजन | विजया केळकर | 1 | |
| राज्य | संघमित्रा | 36 | |
| खारुताई | श्यामली | 4 | |
| जात बोलते काहीबाही | श्यामली | 8 | |
| कुंचला | सकाळ | 4 | |
| कवी | विजया केळकर | 0 | |
| ... | अवल | 13 | |
| आग | मॅगी | 16 | |
| घर | श्यामली | 7 | |
| असंच एकदा.. | मॅगी | 18 | |
| रातराणी | विजया केळकर | 0 | |
| जनुके | रश्मी भागवत | 4 | |
| दिवाळी | केतु | 4 | |
| दोघे | विजया केळकर | 3 | |
| दीपोत्सव | विजया केळकर | 0 | |
| आकाशदिवा | रश्मी भागवत | 0 | |
| चंदेरी दुनिया | विजया केळकर | 1 | |
| टुमदार बंगली | विजया केळकर | 0 |
पाने
हिंदी / मराठी
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